
अब वे इसे ‘लव जिहाद’ कहने लगे हैं और इसके विरोध में खून-खराबे तक उतर आये हैं. ‘लव जिहाद’ की उनकी परिभाषा गजब
है. हिंदू लड़का मुस्लिम लड़के से प्रेम विवाह कर ले तो ‘लव जिहाद’ नहीं है. वह
स्वीकार्य है. हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से प्रेम हो जाए तो वह ‘लव
जिहाद’ है. तब कहा जाता है कि मुस्लिम
लड़के ने साजिशन प्रेम का नाटक किया है, लड़की
को बरगलाया है, यह दवाब और धर्म
परिवर्तन का मामला है. चलो, इसका विरोध करो, हंगामा, मार-पीट करो. हिंदू
धर्म की रक्षा करो!
पिछले कुछ समय से हिंदू-धर्म बहुत नाजुक और कमजोर हो गया है. उसे बात-बात में
खतरा हो जाता है. हजारों साल से तरह-तरह के आक्रमण झेल कर भी जो धर्म सुरक्षित और
व्यापक है, वह मुहब्बत से, ‘बीफ’ वगैरह से खतरे में पड़ जा रहा है. इसलिए हिंदू धर्म के स्वयं रक्षक बड़ी संख्या में
पैदा हो गये हैं. गाली-गलौज, लाठी-डण्डे, चाकू-गोली-बम से धर्म-रक्षा हो
रही है.
चंद रोज पहले गाजियाबाद में हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के का प्रेम विवाह हुआ.
दोनों परिवारों की सहमति से. लड़की डॉक्टर है और लड़का एमबीए. दोनों एक बहुराष्ट्रीय
कम्पनी में काम करते हैं. लड़की के पिता बड़े व्यापारी हैं और दादा रिटायर आईएएस. कोर्ट
में शादी के बाद लड़की के परिवार ने दावत दी. इसमें किसी को क्या आपत्ति हो सकती है?
पता चलते ही बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच के लोग विरोध करने पहुंच गये. दावत
में हंगामा खड़ा कर दिया. भाजपा के गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष भी दल-बल पहुंच गये. आरोप लगाया गया कि लड़की पर दवाब डाल कर शादी कराई गयी है.
यह ‘लव जिहाद’ है. गनीमत रही कि पुलिस आ गयी. उसने बलवाइयों को लड़की के
परिवार से मिलाया. उन्हें बताया गया कि विवाह सबकी सहमति से हुआ है. लड़का-लड़की एक
दूसरे को पांच साल से जानते हैं. मगर वे न माने. भाजपा नेता के आने से बवाल और बढ़
गया. तब पुलिस ने बलवाइयों को खदेड़ा. जाने से पहले वे लड़की के परिवार को धमका गये
कि कब तक पुलिस के पीछे बचोगे. पुलिस वालों को भी सरकार की भी धमकी दिखाई.
ऐसे मामले देश भर में हो रहे हैं. कोई इन ‘धर्म-रक्षकों’ को रोक-टोक नहीं रहा. राजस्थान में एक निरीह राजमिस्त्री को
मार कर जला दिया गया. उसका वीडियो भी जारी हुआ,
इस धमकी के साथ कि सभी ‘लव जेहादियों’ का यही हाल किया जाएगा. गाजियाबाद में पुलिस फौरन इसलिए आ
गयी कि लड़की का परिवार प्रभावशाली था.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने इस वारदात के बाद गाजियाबाद के भाजपा अध्यक्ष को पद
से हटाया जरूर लेकिन यह नहीं बताया कि इसका कारण उस घटना में उनकी भूमिका है. कारण
बताया ‘ताजा घटनाक्रम’. यानी भाजपा ने अपने एक नेता को किसी ऊपरी दवाब में हटा तो
दिया लेकिन यह संदेश वह नहीं देना चाहती कि पार्टी प्रेम को ‘लव जिहाद’ बताने और उसका विरोध
करने के खिलाफ है. मतलब साफ है कि वह इससे सहमत है.
यह जनता को तय करना है कि यह हिंदू धर्म की रक्षा है या विनाश.
(सिटी तमाशा, नभाटा, 29 दिसम्बर 2017)
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